मथुरा , फरवरी 23 -- स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ ने बांग्लादेश के ताजा घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां के सवा करोड़ हिंदुओं की सुरक्षा नई सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ऐतिहासिक रूप से गोवर्धन मठ के विशेष संरक्षित क्षेत्र में आता है, इसलिए वहां के हिंदुओं का हित उनके लिए सर्वोपरि है।

मथुरा प्रवास के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश के सनातनी समाज ने जिस साहस के साथ अपने मठ-मंदिरों की रक्षा की है, वह वंदनीय है। उन्होंने नई सरकार को बधाई देते हुए आह्वान किया कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति संवेदनशीलता दिखाए।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ का मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक किसी को भी शंकराचार्य पद का दावा नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसे विवादों से भगवा की गरिमा को ठेस पहुंचती है।

तालिबान शासन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मुल्ला उमर के दौर की तुलना में वर्तमान तालिबान सरकार के व्यवहार में बदलाव और सुधार दिखाई दे रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में वहां अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से लागू होंगी, जिससे क्षेत्र में स्थिरता और शांति स्थापित होगी।

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