बहराइच , मार्च 11 -- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज क्षेत्र में दहशत का कारण बनी मादा तेंदुआ को तीन दिन बाद वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया।

तेंदुए के पकड़े जाने से इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि एक अन्य तेंदुआ अभी भी वन विभाग की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार ग्राम पंचायत कारीकोट के आजमगढ़पुरवा गांव में चार दिन पहले एक सात वर्षीय बच्चे को तेंदुए ने हमला कर मार डाला था, जबकि भट्टा बरगद पुरवा गांव में एक 20 वर्षीय युवक को घायल कर दिया था। इसके बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही थी और दोनों गांवों में पिंजरे लगाए गए थे।

निशानगाड़ा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव के निर्देशन में वन दरोगा पी.डी. कनौजिया और वन रक्षक कौशल किशोर सिंह ने रविवार को आजमगढ़पुरवा गांव निवासी जसवंत के खेत तथा भट्टा बरगद पुरवा गांव में पिंजरे लगाए थे। दो दिनों तक मादा तेंदुआ वन विभाग को चकमा देती रही, लेकिन मंगलवार की रात शिकार की तलाश में भट्टा बरगद पुरवा गांव में लगाए गए पिंजरे में घुस गयी और कैद हो गयी।

तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ उसे देखने के लिए जमा हो गई। वन विभाग की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत तेंदुए को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर रेंज कार्यालय निशानगाड़ा पहुंचा दिया।

सं. संतोषवार्तावन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र लगभग डेढ़ से दो वर्ष के बीच आंकी गई है। उन्होंने बताया कि आजमगढ़पुरवा गांव में लगाए गए दूसरे पिंजरे में अभी तक तेंदुआ नहीं फंसा है और उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है।

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