शिवपुरी , मार्च 21 -- मध्यप्रदेश के शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के जंगलों के बीच स्थित प्राचीन बलारी माता मंदिर का नवरात्रि में लगने वाला प्रसिद्ध मेला शुरु हो गया।
इसे देखते हुए वन विभाग, जिला प्रशासन एवं पुलिस ने भक्तों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
पुरानी मान्यताओं के अनुसार बलारी माता मंदिर पर चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सप्तमी तिथि तक एक विशाल मेला लगता है जहां पर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस मेले में ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध होने वाली विशेष पुराने जमाने की दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी कुछ ग्रामीण बनाकर लाते हैं और उन्हें लोग खरीद कर ले जाते हैं।
बलारी मैया के बारे में ऐसी प्राचीन मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि में यह एक दिन में अपने तीन रूप बदलती हैं। प्रातः काल कन्या के रूप में, दोपहर में युवती के रूप में तथा शाम को वृद्धा के रूप में रहती हैं। उनकी प्रतिमा पर हमेशा आंखों पर काला चश्मा लगाया जाता है। इसके बारे में ऐसी मान्यता है कि उनके नेत्रों से इतना तेज निकलता है कि उसको सहन कर पाना मुश्किल होता है, इसलिए काला चश्मा नेत्रों पर लगाया जाता है।
ऐसी बहुत प्राचीन मान्यता है कि लाखा बंजारा नाम का पुराने समय में व्यापारी था जो बलारी माता की प्रतिमा लेकर जा रहा था जब वह माता की मूर्ति को ले जा रहा था, तभी शर्त यह थी कि वह पीछे मुड़कर माता की तरफ देखेगा नहीं, लेकिन उसने बीच में अपनी शर्त तोड़ दी और माता की मूर्ति यहीं पर स्थापित हो गई। घने जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर पहले माधव राष्ट्रीय उद्यान में आया, अब टाइगर रिजर्व के जंगल में आ गया है इसलिए यहां बाघ तेंदुआ आदि वन्य प्राणियों का खतरा भी रहता है जिसको देखते हुए वन विभाग जिला प्रशासन तथा पुलिस द्वारा व्यवस्थाएं की गई है।
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