बलरामपुर , फरवरी 16 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई कथित पिटाई ने गांव हंसपुर में त्रासदी का माहौल बना दिया है।
उप संभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) करुण डहरिया और तहसीलदार पारस शर्मा द्वारा स्थानीय युवकों के साथ मिलकर तीन ग्रामीणों की जमकर पिटाई किए जाने के कारण आदिवासी नरेश राम (60) की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ईलाज के दौरान मौत हो गई है। अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) का इसी अस्पताल में इलाज जारी है। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए थाना कुसमी और अस्पताल में पुलिस ने सुरक्षा की भारी इंतजाम किए हैं।
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि "मृतक नरेश राम (60) का पोस्ट मॉर्टम किया जा रहा है, फिलहाल किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है,दोनों घायल खतरे से बाहर हैं।"अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम अवैध बॉक्साइट खनन की जांच के सिलसिले में हंसपुर आई थी। रविवार रात आठ बजे ग्राम सरना के पास नरेश राम, अजीत उरांव और आकाश दिखे थे, अधिकारियों ने पूछताक्ष के बाद तीनों को ही गांव से बलात उठा लिया। शासकीय कार्यालय कुसमी में कथित तौर पर लोहे की रॉड से पिटाई की गई। पिटाई के कारण तीनों की हालत बिगड़ गई। डरे- सहमे दोनों अधिकारी राजस्व विभाग के सुदीप, मंदीप और विक्की के साथ कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए। घायलों को यहां भर्ती करवाया गया, तीन घायलों में से एक की मौत हो जाने की खबर की पुष्टि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज़ के दौरान हुई मौत के बाद इलाके में तनाव के हालात हैं।
सूत्रों से मिली मिली जानकारी के अनुसार अवैध खनन गतिविधियों की सूचना पर एसडीएम करुण डहरिया और तहसीलदार पारस शर्मा अपनी टीम के साथ रविवार को ग्राम हंसपुर पहुंचे थे। सूत्रों के ही मुताबिक ग्रामीणों ने बॉक्साइट से भरे एक ट्रक को पकड़ा था, कथित तौर पर अधिकारी इस ट्रक को छुड़ाने आए थे।
सूत्रों के ही मुताबिक, एसडीएम, तहसीलदार और दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर राजपुर थाने में रखा है। पुलिस ने फिलहाल इस मामले को में एफआईआर नहीं लिखी है, पोस्ट मॉर्टम के बाद पुलिस शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारियों में लगी है।
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