बलरामपुर , फरवरी 16 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एसडीएम करुण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा द्वारा कथित पिटाई किए जाने से एक व्यक्ति की मौत के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। मृतक नरेश राम (60) के परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क जाम कर दिया। उनकी मांग है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या की धाराएं लगाई जाएं और परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।

मृतक के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करने का ऐलान किया है जब तक कि आरोपी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं हो जाता। ग्रामीण नारेबाजी कर रहे हैं और हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद से कुसमी क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी ने सोमवार दोपहर यूनीवार्ता से कहा कि कथित पिटाई के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस को आशंका थी कि इस घटना से लोगों में आक्रोश फैल सकता है और यह आशंका सही साबित हुई। पुलिस ने कुसमी थाना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है। सूत्रों के अनुसार, एसडीएम, नायब तहसीलदार समेत चार आरोपियों को राजपुर थाने में रखा गया है हालांकि उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं की गई है।

आदिवासी समाज के अध्यक्ष बसंत कुजूर ने कहा कि एसडीएम और नायब तहसीलदार की टीम अवैध बॉक्साइट खनन की सूचना पर मौके पर गई थी। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि ग्रामीणों ने बॉक्साइट से भरे एक ट्रक को रोक लिया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि मृतक नरेश राम और दो अन्य व्यक्ति खेतों में सिंचाई की व्यवस्था करके लौट रहे थे तभी अधिकारियों ने उन्हें बलपूर्वक उठा लिया और कथित रूप से पिटाई की। इस पिटाई में नरेश राम की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए जिनका इलाज जारी है।

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं वे आंदोलन जारी रखेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित