भिण्ड , मार्च 16 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में ग्वालियर-भिण्ड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग 719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर आज दोपहर मालनपुर के बरेठा टोल प्लाजा पर 'नो रोड, नो टोल' आंदोलन शुरू हो गया। आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन टोल कटने का विरोध करते हुए टोल बूथ में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे संत कालीदास महाराज के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बरेठा टोल प्लाजा पहुंचे और आंदोलन शुरू किया। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टोलकर्मी भले ही टोल मुक्त होने की बात कह रहे हैं, लेकिन यहां से गुजरने वाले वाहनों से ऑनलाइन माध्यम से टोल वसूला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर के जरिए वाहनों से अपने आप पैसे कट रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।
आंदोलन से पहले संत समाज में मतभेद की स्थिति भी सामने आई थी। संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामदास महाराज ने एक वीडियो जारी कर आंदोलन स्थगित करने की बात कही थी, जबकि जिला अध्यक्ष कालीदास महाराज ने देर रात जारी संदेश में तय समय पर प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। रामदास महाराज ने अपने संदेश में कहा था कि आंदोलन में कुछ राजनीतिक लोगों की घुसपैठ हो गई है और वे शासन के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
कालीदास महाराज का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 719 की खराब स्थिति के कारण इसे लोग 'मौत का हाईवे' कहने लगे हैं। यहां लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण पिछले दो वर्षों से सड़क के चौड़ीकरण की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब दस माह पहले संतों का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिला था और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में छह माह में निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया था।
संभावित आंदोलन को देखते हुए भिण्ड और मुरैना जिलों का प्रशासन पहले से ही सतर्क था। बरेठा टोल प्लाजा के आसपास बैरीकेडिंग की गई थी और घटना के बाद वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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