कपूरथला , फरवरी 23 -- पंजाब में कपूरथला के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ बलकार सिंह ने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण दिन में ज़्यादा तापमान देरी से बोई गयी गेहूं की फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
श्री सिंह ने कहा कि इस समय गेहूं और सरसों की फसलें दाने भरने की स्थिति में होती हैं, जो तेज़ गर्मी के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं। ज़्यादा गर्मी के कारण फसल जल्दी पक जाती है और दाने सिकुड़ जाते हैं, जिससे पैदावार और गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।
डॉ सिंह ने सोमवार को किसानों के साथ जानकारी साझा करते हुए कहा कि मौसम खुलने के साथ ही गर्मी का असर कम करने के लिए किसानों को फसल को हल्का पानी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर बोई गयी गेहूं की फसल को बारिश और हवा को ध्यान में रखते हुए मार्च के आखिर तक पानी देना चाहिए, जबकि देर से बोई गयी फसल में 10 अप्रैल तक पानी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में जिन किसानों की तीन फसलें हैं, उन्होंने इस बार मक्के की बजाय देर से गेहूं बोना ज़्यादा पसंद किया है। पछेती गेहूं पर तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए किसान 10 अप्रैल तक पानी देते रहकर तथा पछेती गेहूं पर पोटेशियम नाइट्रेट (13:0:45) दो किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़क कर तापमान के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
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