जयपुर , दिसम्बर 05 -- राजस्थान के बड़े अस्पतालों में रोगियों को सुगम, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जयपुरिया अस्पताल की तर्ज पर क्यू मैनेजमेंट सिस्टम एवं हेल्प डेस्क व्यवस्था शुरू की जाएगी ताकि रोगियों को कतारों से मुक्ति मिले और उन्हें इलाज के लिए एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर चक्कर नहीं काटने पड़े।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को जयपुरिया अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान इस संबंध में दिशा निर्देश दिए। मरीजों की सहायता के लिए अस्पतालों में एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा जो पूरी संवेदनशीलता के साथ रोगियों की मदद करेगा।

श्रीमती राठौड़ ने जयपुरिया अस्पताल के निरीक्षण के दौरान क्यू मैनेजमेंट सिस्टम एवं हेल्प डेस्क व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने इन दोनों नवाचारों के लिए प्रसन्नता व्यक्त की और अन्य अस्पतालों में भी यह मैकेनिज्म अपनाने पर बल दिया।

श्रीमती राठौड़ ने जयपुरिया अस्पताल में सुविधाओं के विकास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी बड़े अस्पताल नेशनल क्वालिटी एश्यारेंस स्टेण्डर्ड को पूरा करें और एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि बड़े अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं के उच्चतम मानकों को पूरा करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेंं। उन्होंने अस्पताल परिसर में रोगियों एवं परिजनों के फीडबैक के लिए सुझाव पेटिका स्थापित करने तथा क्यूआर कोड सिस्टम लागू करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में न्यूरो एवं कार्डियक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जाए ताकि सवाई मानसिंह अस्पताल में रोगी भार कम हो। उन्होंने इसके लिए जरूरी मानव संसाधन का प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में आपातकालीन इकाई एवं ट्रोमा सेंटर के विकास एवं वहां उपलब्ध सुविधाओं पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल में ओपीडी, इनडोर, ब्लड बैंक, आपातकालीन इकाई, दवा काउंटर, जांच लैब सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में साफ सफाई एवं रोगी केन्द्रित सेवाओं के लिए अस्पताल प्रशासन की प्रशंसा की।

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