श्रीनगर , दिसंबर 20 -- जम्मू कश्मीर में बडगाम जिले की एक अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ 2012 के एक मामले में शनिवार को गैर-जमानती वारंट जारी किया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के तहत नामित विशेष न्यायाधीश बडगाम ने बडगाम थाने में दर्ज प्राथमिकी क्रमांक 331/2012 के तहत यह वारंट जारी किया। प्राथमिकी में गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13, 18, 20 और 39 तथा रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 506 के तहत मामले दर्ज हैं।

अदालत ने जांच अधिकारी की ओर से अभियोजन के माध्यम से दाखिल आवेदन पर कार्रवाई की, जिसमें कहा गया कि आरोपी पाकिस्तान चला गया है और गिरफ्तारी से बच रहा है। बडगाम थाने के अधिकारी और पुलिस पोस्ट सोइबुग के प्रभारी द्वारा जारी पुलिस प्रमाणपत्रों से पुष्टि हुई कि सलाहुद्दीन का पता नहीं चल सका और वह वर्तमान में सीमा पार रह रहा है।

केस डायरी की जांच के बाद अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है जो आरोपी को कथित अपराधों से प्रथम दृष्टया जोड़ती है। न्यायाधीश ने कहा कि लगाई गई धाराएं गैर-जमानती प्रकृति की हैं और यूएपीए के तहत आती हैं, जिससे अदालत को सीआरपीसी की धारा 73 के तहत वारंट जारी करने का अधिकार मिलता है।

अदालत ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि मूल केस डायरी (सीडी) को आरोपपत्र दाखिल करने और कानून के अनुसार अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी को मंजूरी के लिए भेजा गया है।

आदेश में कहा गया है, "यह अदालत केस डायरी से संतुष्ट है कि आरोपी मोहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन गिरफ्तारी से बच रहा है, इसलिए आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाता है तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस को एफआईआर नंबर 331/2012 में यूएपीए की धारा 13, 18, 20, 39 और आरपीसी की धारा 506 के तहत अपराध के लिए उसे गिरफ्तार करने का निर्देश दिया जाता है।"सलाहुद्दीन को पहले भी कई अदालतों द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

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