चंडीगढ़ , जनवरी 15 -- हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत गुरुवार को माता महिंदर कौर द्वारा दायर मानहानि मामले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बठिंडा की अदालत में पेश हुई। अदालत ने उन्हें शारीरिक रूप से पेश होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति दे दी है।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया और निर्देश दिया कि कंगना रनौत हर सुनवाई की तारीख पर वर्चुअली कार्यवाही में शामिल होंगी। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद, दिन में पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले में जिरह किया गया। अदालत ने दोपहर में अपना फैसला सुनाया।

शिकायतकर्ता के वकील रघुवीर सिंह बैनीवाल ने कहा कि कंगना रनौत की कानूनी टीम द्वारा सुरक्षा कारणों से छूट मांगने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े एक मामले सहित मिसालों का हवाला देने के बाद यह राहत दी गई। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत का पासपोर्ट जमा करने की मांग वाला एक आवेदन अभी भी अदालत के समक्ष लंबित है। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी को तय की है।

आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए, शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि एक आरोपी को सेलिब्रिटी स्टेटस या राजनीतिक पद की परवाह किए बिना, किसी भी अन्य आरोपी की तरह माना जाना चाहिए और कहा कि छूट कानून के तहत समान व्यवहार के सिद्धांत को कमजोर नहीं करनी चाहिए।

गौरतलब है कि सांसद रनौत ने किसान आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिला पर टिप्पणी की थी। जिसके बाद बुजुर्ग महिला ने कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था।

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