जयपुर , फरवरी 01 -- राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि बजट 2026 की घोषणाओं से एक बार फिर आम जनता, खासकर युवाओं को निराशा हाथ लगी है।

श्री पायलट ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन एक स्पष्ट और भरोसेमंद रोडमैप के अभाव में यह समझ पाना मुश्किल है कि आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर कितने और किस स्तर पर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार की पिछली रोजगार संबंधी घोषणाओं की समीक्षा अब तक पारदर्शी रूप से सामने नहीं लायी गयी है। कितने रोजगार सृजित हुए और कितने काग़ज़ों में ही सीमित रह गये, ऐसे में बेरोजगारी की समस्या के बीच युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

वैश्विक परिस्थितियों के कारण आर्थिक अस्थिरता और घरेलू आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार से उम्मीद थी कि इस दिशा में ठोस कदम उठाये जायेंगे, लेकिन ऐसी कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आयी है। आम आदमी पहले से ही महंगाई से परेशान है, फिर भी महंगाई नियंत्रण के लिए कोई सशक्त और ठोस उपाय इस बजट में दिखाई नहीं देते।

श्री पायलट ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को लेकर योजनाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। खेती-किसानी के लिए भी अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गयी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के दावे किये जाते हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारें हैं, वहां भी नयी बड़ी परियोजनाओं की घोषणाओं का अभाव निराशाजनक है और जनता के साथ धोखे जैसा प्रतीत होता है। यह एक चुनावी बजट है, वास्तविकता में संतुलित विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और यह आने वाले दिनों में केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित रह गया है।

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