नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया बजट 2026-27 विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम है। यह बजट न केवल देश के हर वर्ग को भरोसा देता है, बल्कि दिल्ली जैसे महानगर के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलता है।
श्रीमती गुप्ता ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बजट आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक संतुलन का भी बेहतरीन उदाहरण है। यह बजट दूरदर्शी है, संतुलित है और आम नागरिक की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने दिल्ली की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में निरंतर सहयोग के लिए गृहमंत्री अमित शाह के प्रति भी विशेष आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि बजट की सबसे बड़ी खासियत इसकी सोच और मूल भावना है। यह बजट तीन अहम जिम्मेदारियों पर आधारित है। पहली, देश की आर्थिक गति को तेज करना और उसे स्थिर बनाए रखना, दूसरी, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए उनकी क्षमताओं को बढ़ाना, ताकि हर नागरिक विकास का हिस्सा बन सके और तीसरी, 'सबका साथ, सबका विकास' के विचार को जमीन पर उतारना।
उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं पर भरोसा करता है, गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाता है और मध्यम वर्ग को भी राहत देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार केंद्र के साथ संवाद में रही है। फंड और परियोजनाओं को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है। यही कारण है कि इस बजट में दिल्ली के हितों को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है। सड़क, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा जैसे क्षेत्र तभी बेहतर होते हैं जब केंद्र और राज्य मिलकर काम करें और यह बजट उसी सहयोग की ताकत को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से विकासोन्मुखी बजट है। पूंजीगत खर्च बढ़ाकर निर्माण गतिविधियों और रोजगार सृजन को गति दी गई है। जहां पिछले वर्ष पूंजीगत खर्च 11.2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे अधिक सड़कें बनेंगी, नई परियोजनाएं शुरू होंगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा लाभ दिल्ली जैसे बड़े शहरों को भी मिलेगा।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि बजट में लड़कियों के लिए हॉस्टल निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। युवाओं के लिए नए कौशल, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए रास्ते खोले गए हैं। स्वास्थ्य, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया है। कुल मिलाकर उन्होंने कहा कि यह बजट विकास, सुधार और राहत, तीनों को एक साथ लेकर चलता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली को सीधे मिलने वाली केंद्रीय सहायता के रूप में 1,348 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होगी। उन्होंने चंद्रावल जल परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी योजनाओं से पानी की आपूर्ति बेहतर होगी, पुराने इलाकों में जल दबाव सुधरेगा और 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। इससे साफ है कि केंद्र सरकार दिल्ली की रोजमर्रा की जरूरतों को गंभीरता से समझती है।
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