भोपाल , फरवरी 18 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट को समृद्ध, सुखद, संपन्न और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश के सपने को साकार करने वाला बताया।

डॉ यादव ने बजट पेश किए जाने के बाद विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा कि राज्य ने देश में पहली बार रोलिंग बजट दिया है। इसने आने वाले दो साल का खाका खींचा है। राज्य के लिए सामान्य तौर पर ऋण सीमा तीन फीसदी की होती है, सीमा के अतिरिक्त 0.87 फीसदी की है। हम इस दायरे के अंदर रहते हुए भारत सरकार के दिशानिर्देश के अंदर ही बजट को रख कर आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में ये वर्ष किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।

उन्होंने कहा कि ये बजट समृद्ध, संपन्न, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश के सपने को साकार करने वाला है। इसमें कोई कर नहीं बढ़ाया गया है। ये हमारी सरकार की तीसरे साल की विशेषता है। हमारी सरकार बनने के बाद कोई कर नहीं बढ़ा है। ये राज्य के वित्तीय संसाधनों का सुप्रबंधन है। बजट लगातार बढ़ रहा है। कोई योजना बंद नहीं हो रही। मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा राज्य है। बजट में रोजगार के पर्याप्त प्रावधान और विकास की अनंत संभावनाएं हैं।

लाड़ली बहना योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 2027 तक जो कमिटमेंट किया है, उसे निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में चार लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट था, जो अब चार लाख 38 हजार करोड़ रुपए का हो गया है, 72 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये जब से मध्यप्रदेश बना है, तब से चली आने वाली परंपरा है। राज्य में लगातार बुनियादी सुविधाओं के काम हो रहे हैं।

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