नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- केंद्रीय बजट को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक मजबूत, दूरदर्शी और भविष्य उन्मुख बजट बताया जा रहा है। एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (पेशेवरों), मेडिकल टूरिज़्म, बायोफार्मा, किफायती दवाओं और स्वास्थ्य अवसंरचना पर सरकार के फोकस को डॉक्टरों और हेल्थकेयर विशेषज्ञों ने विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम करार दिया है।

आकाश हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. आशीष चौधरी ने कहा कि एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स पर सरकार का ज़ोर हेल्थकेयर सिस्टम को मज़बूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख देखभाल करने वालों का प्रशिक्षण एलाइड और जेरियाट्रिक केयर (बुजुर्गों की देखभाल) में मौजूद गंभीर कमी को दूर करेगा। मेडिकल टूरिज़्म और आयुर्वेद से जुड़ी पहल भारत को समग्र स्वास्थ्य सेवा का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेगी।

मेडिकल टूरिज़्म पर उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के साथ मिलकर पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज़्म हब स्थापित करना एक गेम-चेंजर है। इनमें आयुष केंद्रों का एकीकरण भारत को होलिस्टिक और क्वालिटी हेल्थकेयर का पसंदीदा वैश्विक गंतव्य बनाएगा।

मैक्स हेल्थकेयर के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. अभय सोई ने कहा कि मेडिकल हब्स की घोषणा भारत को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल का वैश्विक लीडर बना सकती है। उन्होंने कहा कि क्लिनिकल केयर, रिसर्च, शिक्षा, आयुष और रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) को एक साथ जोड़ना मरीजों की पूरी उपचार यात्रा को कवर करता है। इससे न केवल मेडिकल टूरिज़्म बढ़ेगा बल्कि डॉक्टरों और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे।

यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के डॉ. एन.के. सोनी ने बायोफार्मा शक्ति पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि जैविक दवाएं लोगों की लंबी उम्र और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करती हैं। 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स का घरेलू निर्माण मजबूत होगा और भारत एक भरोसेमंद वैश्विक बायोफार्मा हब के रूप में उभरेगा।

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