बारां , फरवरी 09 -- राजस्थान में बारां के बरडिया क्षेत्र में एक बछड़े का धड़ मिलने से सोमवार को कुछ संगठन और वासुदेव गौ सेवा समिति के आह्वान पर बारां शहर पूर्णतया बंद रहा।
सुबह से ही गौ सेवक और विभिन्न संगठनों के आक्राशित कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और शहर के प्रमुख बाजारों को बंद करवाया। बंद के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच कई बार तनातनी भी हुई। अपराह्न करीब चार बजे प्रताप चौक स्थित पुलिस चौकी के सामने जबरन बैठने से रोकते हुए पुलिस ने बल प्रयोग करके प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया, जिससे भगदड़ मच गई।
इससे पूर्व प्रदर्शनकारियों ने शहर में जुलूस निकाला, जो अलग- अलग मार्गों से होता हुआ विधायक राधेश्याम बैरवा के निवास तक पहुंचा।
बरडिया क्षेत्र में शुक्रवार को एक गाय के बछड़े की मौत हो गई थी। आरोप है कि बछड़े को मारकर सड़क किनारे फेंक दिया गया। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। जिसके बाद रविवार रात को आर्य वाटिका में आयोजित बैठक में श्री वासुदेव गौ सेवा समिति और अन्य संगठनों ने सोमवार को बारां बंद का निर्णय लिया।
बारां शहर में बंद के एलान के अनुसार मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाएं चालू रहीं।
जुलूस के बाद प्रदर्शनकारी विधायक राधेश्याम बैरवा के तेल फैक्ट्री स्थित निवास के सामने पहुंचे। जहां उन्होंने धरना दिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान विधायक राधेश्याम बैरवा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें उचित जांच करवाने का आश्वासन दिया। विधायक के आश्वासन के बाद गौ सेवकों ने धरना समाप्त किया।
वासुदेव गौ सेवा समिति के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बछड़े की मौत के मामले में दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।
बारां बंद और प्रदर्शन को देखते हुए शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस मौजूद रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक हीरालाल सोनी, शहर कोतवाली थाना प्रभारी योगेन्द्र चौहान पुलिस जाप्ते के साथ मुस्तैद रहे।
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