कोलकाता , मार्च 23 -- पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने न्यायाधिकरण के गठन के कुछ दिनों बाद मुख्य सचिव को पत्र लिखकर न्यायाधिकरण में मामलों की सुनवाई के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को जल्द तैयार करने का आग्रह किया है।
सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में कोलकाता और जिलों में उपयुक्त भवनों की व्यवस्था करने के साथ-साथ आवश्यक सुविधाओं का उल्लेख किया है, ताकि बिना किसी देरी के न्यायाधिकरण का संचालन शुरू किया जा सके।
आयोग के सूत्रों ने खुलासा किया कि इस संदेश में विशेष रूप से अधिकारियों को जिलों में उपयुक्त परिसरों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जनता के लिए वहां पहुंचना आसान हो।
इस प्रक्रिया में तेजी लाने और जमीनी तैयारी को जल्द से जल्द पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त, सीईओ ने यह भी उल्लेख किया है कि इन न्यायाधिकरण की अध्यक्षता करने वाले पूर्व न्यायाधीशों की सहायता के लिए पर्याप्त कर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों का प्रावधान होना चाहिए।
यह कदम 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची की पृष्ठभूमि में आया है। इसमें 6,006,675 नामों पर विचार किया जा रहा था। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को इन मामलों के समाधान की निगरानी के लिए न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
अधिकारियों ने बार-बार आश्वासन दिया है कि प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है, जिसमें न्यायपालिका के सेवानिवृत्त सदस्यों सहित 700 से अधिक न्यायाधीश वर्तमान में इस कार्य में लगे हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार, जिन व्यक्तियों के नाम निर्णय प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मतदाता सूची से बाहर हो जायेंगे, उन्हें इन न्यायाधिकरण के समक्ष अपील करने का अधिकार होगा।
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