कोलकाता , अप्रैल 2 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में सियासी बदलाव के लिए भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को निर्णायक रणभूमि बताया और कहा कि पूरे राज्य को बदलने की चाबी भवानीपुर के मतदाताओं के हाथों में है।
रोड शो से पहले दक्षिण कोलकाता के हाजरा में एक रैली को संबोधित करते हुए श्री शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने व्यापक भ्रष्टाचार, 'सिंडिकेट राज' और बढ़ती घुसपैठ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे राज्य की पहचान खतरे में पड़ गयी है।
उन्होंने मतदाताओं से भवानीपुर में भाजपा उम्मीदवार शुवेंदु अधिकारी की निर्णायक जीत पक्की करने की अपील की। यह चुनाव क्षेत्र एक बड़ी लड़ाई के लिए तैयार हो रहा है, क्योंकि मौजूदा विधायक और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भी इस बार यहीं से चुनाव लड़ रही हैं।
इससे पहले दिन में श्री अधिकारी ने इस चुनाव क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ श्री शाह भी मौजूद थे, जो भाजपा के चुनाव अभियान को मज़बूत करने के लिए नयी दिल्ली से आये हैं।
पार्टी ने पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्रों में भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें रासबिहारी से स्वपन दासगुप्ता, बालीगंज से सतरूपा बोस और चौरंगी से संतोष पाठक शामिल हैं।
इन नेताओं ने बाद में संयुक्त रोड शो में हिस्सा लिया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। रोड शो के दौरान कुछ तनावपूर्ण पल भी देखे गये, जब भाजपा और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान चुनाव क्षेत्र के कई हिस्सों में 'जय श्री राम' और 'जय बांग्ला' के नारे गूंजते रहे।
अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि 2014 के बाद से भाजपा शासित राज्यों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और 'अब बंगाल की बारी है'। उन्होंने मतदाताओं से गुजारिश की कि वे न केवल भवानीपुर में, बल्कि पूरे राज्य में 'परिवर्तन' लायें, ताकि स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान हस्तियों के विजन को साकार किया जा सके।
श्री शाह ने कहा कि पूरे बंगाल के लोग 'जबरन वसूली, राजनीतिक हिंसा, महिलाओं की असुरक्षा और बेरोजगारी' से तंग आ चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया और उनकी हत्या की गयी है। उन्होंने वादा किया कि यदि पार्टी सत्ता में आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों पर उठाये गये पत्रकारों के सवालों का जिक्र करते हुए श्री शाह ने जोर दिया कि किसी को भी नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोकने की इजाजत नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस बार लोगों को निडर होकर मतदान करना चाहिए। भाजपा का मकसद केवल तृणमूल कांग्रेस को हराना नहीं, बल्कि उसे 'पूरी तरह उखाड़ फेंकना' है।
एक रणनीतिक दांव चलते हुए श्री शाह ने कहा कि श्री अधिकारी ने पहले नंदीग्राम से चुनाव लड़ने पर विचार किया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें उनके गढ़ में ही ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बावजूद सुश्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में श्री अधिकारी के हाथों व्यक्तिगत हार का सामना करना पड़ा था।
श्री शाह ने आगे तर्क दिया कि केवल भवानीपुर में भाजपा की जीत राज्य में व्यापक राजनीतिक बदलाव की शुरुआत कर सकती है।
उन्होंने कहा, "इस एक सीट को जीत लीजिए, और पूरे बंगाल में बदलाव आ जायेगा।" इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के लिए विधानसभा की 170 सीटें जीतने का कुल लक्ष्य रखा।
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