झारग्राम , अप्रैल 19 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी का लक्ष्य राज्य में 'घुसपैठियों की सरकार' स्थापित करना है।
आदिवासी बहुल जिले झारग्राम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की पहचान और जमीन की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई होगी।
श्री मोदी ने कहा, "तृणमूल खतरनाक एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। वे अवैध घुसपैठियों की सरकार बनाना चाहते हैं। ऐसी सरकार, जो उनकी भाषा बोलेगी, उनके धर्म का पालन करेगी और केवल उनके लाभ के लिए काम करेगी। ऐसी सरकार के लिए पश्चिम बंगाल के आम लोग मुख्य दुश्मन बन जायेंगे।"उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठियों के प्रति सत्तारूढ़ दल के तुष्टीकरण के कारण राज्य की सांस्कृतिक पहचान खोने का खतरा है। उन्होंने आगे कहा, "इस बार पश्चिम बंगाल की जनता ने बदलाव लाने का फैसला कर लिया है।"तृणमूल के शासन के रिकॉर्ड पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने आदिवासी समुदायों के लिए इसके योगदान पर सवाल उठाये।
उन्होंने कहा, "आपने तृणमूल सरकार को 15 साल दिये हैं। इस बेरहम सरकार ने आपको क्या दिया? आपको क्या मिला? आदिवासी क्षेत्रों ने क्या हासिल किया? न शिक्षा, न स्वास्थ्य सेवा, न रोजगार। यहां सब कुछ बदहाल है।"श्री मोदी ने पार्टी के राजनीतिक अतीत की ओर भी ध्यान दिलाया और उल्लेख किया कि जब केंद्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सत्ता में थी, तब तृणमूल कांग्रेस सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा थी।
राज्य की विरासत को सहेजने के प्रति भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान ही बंगाली को 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा दिया गया था और अब भारतीय संविधान का एक संस्करण संताली भाषा में भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा, "भाजपा को पश्चिम बंगाल की विरासत पर गर्व है और वह किसी भी कीमत पर इसकी रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।"प्रधानमंत्री ने तृणमूल नेताओं पर भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता का भी आरोप लगाया।
उन्होंने जोर देकर कहा, "ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल का भविष्य अंधकार में है, तृणमूल नेताओं की आलीशान गाड़ियां चमक रही हैं। मैं गारंटी देता हूं कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जायेगा।"उन्होंने आगे दावा किया कि जहां देश भर के आदिवासी क्षेत्रों में 'एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय' स्थापित किये जा रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल के आदिवासी समुदायों को ऐसी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के तेज होते अभियान के तहत, रविवार को पश्चिम बंगाल में मोदी की यह तीसरी जनसभा थी।
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