कोलकाता , मार्च 19 -- पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) प्रक्रिया के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से तैयार की गई अतिरिक्त मतदाता सूची से नामों का पहला सेट प्रकाशित किए जाने की संभावना है और ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अद्यतन मतदाता सूची शुक्रवार तक जारी की जा सकती है।

यह घटनाक्रम संशोधित नामों के सार्वजनिक होने के बाद संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं को लेकर बढ़ी हुई प्रशासनिक तैयारियों और चिंताओं के बीच सामने आया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने गृह सचिव संघमित्रा घोष, पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा के साथ राज्य में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए बैठक की। गुरुवार को सुबह 10 बजे बैठक शुरू हुई और लगभग आधे घंटे तक चली। इस समीक्षा का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह एसआईआर प्रक्रिया के बाद अतिरिक्त मतदाता सूची के प्रकाशन से ठीक पहले हो रही है।

चुनाव आयोग ने इससे पहले 28 फरवरी को एक संशोधित मतदाता सूची जारी की थी, हालांकि इसे अपूर्ण माना गया था।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस सूची में 6,44,52,609 मतदाताओं को 'पात्र' के रूप में चिह्नित किया गया था, जबकि 60,06,675 नाम 'विचाराधीन' श्रेणी में रखे गए थे। इन लंबित नामों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में हाल के दिनों में तेजी आई है। बुधवार तक लगभग 23.3 लाख ऐसे मामलों पर निर्णय लिए जा चुके थे।

उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त 700 से अधिक न्यायिक अधिकारी वर्तमान में इन प्रविष्टियों की जांच में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि यदि वर्तमान गति बनी रही, तो चुनाव से पहले सभी लंबित नामों का निपटारा पूरा हो सकता है। कुछ हलकों में आशंका बनी हुई है कि जब मतदाताओं की पहली सूची प्रकाशित होगी, तो कई नाम छूट सकते हैं। इससे राज्य के कुछ हिस्सों में सूची जारी होने के बाद संभावित कानून-व्यवस्था की गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित