नयी दिल्ली , फरवरी 10 -- तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव में तीन बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हार मिली है इसलिए वह राज्य के हिस्से की धनराशि रोककर वहां के लोगों को दंडित करना चाहती है लेकिन बंगाल कभी किसी के सामने नहीं झुका है।
श्री बनर्जी ने बजट 2026-27 पर चर्चा में मंगलवार को कहा कि बंगाल के साथ सौतेला व्यवहार इस बात से पता चलता है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुये बंगाल को लेकर कोई बात नहीं की। इस बजट में सरकार ने हर स्तर पर कर लगा दिया है। इस बजट में बच्चे के पहले दूध से अंतिम विदाई तक कर का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि भाजपा तीन बार बंगाल में चुनाव हार चुकी है इसलिए बंगाल को वह दंडित करने के लिए उसके हिस्से की धनराशि रोकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को सरकार दुख देगी तो हम वहां के लोगों के साथ खड़े रहेंगे। बंगाल कभी किसी के सामने नहीं झुका है। सरकार सारी एजेंसियों को भेजे हम उनसे भी लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सरकार को जवाब मिल जायेगा। सत्य हमेशा सत्य रहेगा। बंगाल के हिस्से के मिलने वाली राशि को रोक कर रखा जाता है जो संघवाद नहीं है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर में लंबे समय तक हिंसा होती रही लेकिन प्रधानमंत्री को वहां जाने का समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह उस हिस्से से आते हैं जहां से बंगाली में बात करने वालों को बंगलादेशी कहा जाता है और मछली खाने वाले को मुगल कह दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य को मिलने वाली विभिन्न योजनाओं की रकम को रोका गया है। हमारे राज्य में गरीब को रोटी कपड़ा मकान के लिए लड़ना पड़ रहा है। हम उस देश से आते हैं जहां किसानों को बैरिकेट लगाकर रोका जाता है। हम उस भारत से आते हैं जहां आतंकवादी आते हैं और पहलगाम में निर्दोषों की हत्या की जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत तिहरे दवाब में है जहां बहुत सारे कर है। एक आम इंसान को लगता है कि वह एक बार कर दे रहा है लेकिन उसे वास्तविकता में तीन बार कर देना पड़ता है। लोगों को अप्रत्यक्ष कर के रूप में हर सामानों पर कर देना पड़ता है। जहां सरकार की लोक कल्याणकारी योजना नहीं पहुंच पाती है लेकिन जीएसटी पहुंच जाती है। मुद्रास्फीति की वजह से लोगों के पास से बचत कम होती जा रही है और सरकार अपने नागरिकों से तिहरा कर लेने का काम करती है।
तृणमूल नेता ने कहा कि बंगाल में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 115 लोगों ने जान गंवाई है और इस प्रक्रिया में वहां लोगों को संशय की नजर से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी, सुरक्षित हवा चाहते हैं लेकिन यह भी पूरा नहीं किया जा रहा है। गाड़ी को सड़क पर चलाने पर तीन बार कर देना पड़ता है और यह तीन विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि इस बजट में गरीबों के लिए कुछ नहीं है जबकि संभ्रांत लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है। विदेशी कंपनियों को फायदा है जबकि देश के एमएसएमई को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार की नीतियों से समान्य उद्यमी को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां विफल होने के कारण किसान खुदकुशी कर रहे हैं। सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की बात की लेकिन अब तक नहीं दी गयी है।
उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से अन्नदाता के साथ विश्वासघात है। अमेरिका के व्यापारिक समझौता होने से अमेरिका के किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को दोगुना आय की बात करता है लेकिन वहीं बड़ी संख्या में किसान खुदकुशी कर रहे है।
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