कोलकाता , फरवरी 06 -- चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से 50,000 से अधिक ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाने की तैयारी में है, जिन्हें "अनमैप्ड" श्रेणी में रखा गया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों ने अनमैप्ड के रूप में चिह्नित 31,68,426 मतदाताओं को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए थे। इनमें से लगभग 1.57 प्रतिशत मतदाताओं ने बार-बार बुलावे के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके कारण उनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाने के लिए चिह्नित कर दिए गए हैं।
अनमैप्ड मतदाताओं से तात्पर्य उन लोगों से है जो अपनी पात्रता साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ चुनाव अधिकारियों के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इनके नाम 2002 की मतदाता सूची के साथ स्व-सत्यापन या वंश संबंध (प्रोजेनी मैपिंग) के माध्यम से नहीं जोड़े जा सके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अनमैप्ड मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। अब प्रशासन का ध्यान "विशिष्ट विसंगतियों" वाले मामलों पर केंद्रित है। ऐसे मामलों की सुनवाई जारी है। ऐसी विसंगतियों के मामलों में परिवार के ब्यौरों की त्रुटियां शामिल हैं। इसके अंतर्गत कुल 94,49,132 मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया सात फरवरी तक संपन्न होने की उम्मीद है। यह व्यापक सत्यापन अभियान पिछले साल दिसंबर में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद शुरू हुआ था। इसमें पहले ही मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट पाए गए 58,20,899 नामों को हटाया जा चुका है।
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