ढाका/नयी दिल्ली , दिसंबर 22 -- भारत ने बंगलादेश के दूसरे सबसे बड़े शहर चटगांव में अपने वीजा आवेदन केंद्र पर वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह फैसला एक प्रमुख युवा नेता की मौत से जुड़े प्रदर्शनों और दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के बाद लिया गया है।
भारतीय अधिकारियों ने कहा कि चटगांव के भारतीय सहायक उच्चायोग परिसर के पास प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद वीजा केंद्र को अगले नोटिस तक बंद रखा जाएगा। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस निलंबन को "सावधानीपूर्ण उपाय" बताया, जो स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावी रहेगा।
इस अशांति की शुरुआत शरीफ उस्मान हादी की मौत से हुई, जो पिछले साल अवामी लीग सरकार के खिलाफ छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के प्रमुख नेता थे। हादी को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी थी और बाद में सिंगापुर में 12 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रदर्शनकारियों को चटगांव के खुलशी इलाके में भारतीय मिशन के बाहर रात भर तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया, जिसमें कम से कम चार लोग घायल हुए, जिनमें एक पुलिस अधिकारी भी शामिल है। इसके बाद मिशन और ढाका में भारतीय उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
हादी की मौत की खबर फैलने के बाद ढाका और अन्य शहरों में हिंसा फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने दो प्रमुख मीडिया संस्थानों 'द डेली स्टार' और 'प्रथम आलो' में आग लगा दी और बंगलादेश के संस्थापक राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के धानमंडी 32 स्थित निवास पर हमला किया।
विदेश मंत्रालय ने नयी दिल्ली में बंगलादेश उच्चायोग के बाहर शुक्रवार को हुई एक घटना के बारे में "भ्रामक प्रचार" को खारिज किया, जहां प्रदर्शनकारी मयमनसिंह में हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ विरोध कर रहे थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित