जयपुर , जनवरी 28 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने सड़क और फुटपाथ पर बने अवैध मंदिरों को हटाने का निर्देश दिया है।

न्यायालय ने सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभागों को स्पष्ट आदेश दिया है कि ऐसे अवैध ढांचों को तत्काल हटाया जाए और वहां स्थापित मूर्तियों को पास के किसी वैध मंदिर में स्थानांतरित किया जाए ताकि उनकी पवित्रता र धार्मिक सम्मान सुरक्षित रहे। अदालत ने यह आदेश सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात सुचारू रखने तथा कानून के शासन को लागू करने के उद्देश्य से दिया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि अवैध रूप से बने मंदिर न केवल सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण हैं बल्कि नागरिकों की सामान्य आवाजाही और सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं।

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर रोक लग सके। सार्वजनिक भूमि पर किसी भी समूह, संस्था या व्यक्ति को बिना अधिकार मंदिर या अन्य धार्मिक संरचना बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह नियम उल्लंघन होता है तो प्रशासन को उसे हटाने और जवाबदेह अधिकारियों को कार्रवाई के दायरे में लाने का पूरा जोर देना चाहिए।

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