नारायणपुर , फरवरी 14 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), सुपगांव में शनिवार को फीफा के "फुटबॉल फॉर स्कूल्स (एफ4एस)" अभियान का आयोजन किया गया।
भारत सरकार के अंतर्गत यूनेस्को के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फुटबॉल को शिक्षा प्रणाली से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में जीवन कौशल, टीम भावना तथा शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंगाओ राम कवड़े, केन्द्रीय विद्यालय नारायणपुर के प्राचार्य रवि शंकर यादव, बीआरसी अधिकारी लक्ष्मीकांत सिंह तथा ग्राम प्रधान हरे स्वरूप और लखन सिंह सहित कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह को संबोधित करते हुए जेएनवी नारायणपुर के प्राचार्य के. कमलप्रथम ने अनुशासित, स्वस्थ एवं आत्मविश्वासी विद्यार्थियों के निर्माण में खेल शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नैतिक मूल्यों के निर्माण में भी सहायक होते हैं। उन्होंने सभी आमंत्रित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुए इस तरह के आयोजनों की नियमितता पर बल दिया।
केन्द्रीय विद्यालय नारायणपुर के प्राचार्य रवि शंकर यादव ने कहा कि खेलकूद विद्यार्थियों को शैक्षणिक तनाव और मानसिक दबाव से मुक्त करने में अत्यंत सहायक होते हैं। उन्होंने पाठ्यक्रम में खेलों को अनिवार्य रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि बच्चों में नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्य की भावना का भी विकास करते हैं।
"फुटबॉल फॉर स्कूल्स" कार्यक्रम के अंतर्गत नवोदय विद्यालय समिति द्वारा चिन्हित किए गए विभिन्न लक्षित विद्यालयों को फुटबॉल वितरित किए गए। इस अवसर पर तीन विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस पहल से उन्हें अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास जैसे मूल्यों को सीखने का अवसर मिला है। फुटबॉल वितरण के पश्चात जेएनवी नारायणपुर के विद्यार्थियों ने एक प्रदर्शनी मैच खेला, जिसमें उन्होंने अपने उत्कृष्ट कौशल और खेल भावना का परिचय दिया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ शिक्षक अनुपम शुक्ला ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। समापन सत्र में उपस्थित सभी विद्यार्थियों को खेलों को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा शारीरिक एवं मानसिक रूप से सदैव स्वस्थ रहने का संदेश दिया गया।
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