हरिद्वार, फ़रवरी 09 -- उत्तराखंड के फाल्गुनी कांवड़ यात्रा के आरंभ होते ही धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था और अध्यात्म का वातावरण गहराने लगा है। गंगा तटों से लेकर नगर के प्रमुख मार्गों तक "बम बम भोले" के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा है। सिंदूरी आभा बिखेरते कांवड़िये भगवान भोलेनाथ की उपासना में लीन होकर गंगाजल भरते नजर आ रहे हैं।
फाल्गुनी मास में निकलने वाली इस कांवड़ यात्रा को शारदीय कांवड़ के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव को समर्पित इस पावन यात्रा के तहत हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। रक्तवर्णी और पीतांबर वस्त्र धारण किए कांवड़िये आस्था की डगर पर चलते हुए हरिद्वार की धार्मिक छवि को और अधिक सशक्त बना रहे हैं।
हर की पौड़ी, जिसे गंगाद्वार की हृदयस्थली माना जाता है, इन दिनों शिवभक्तों से गुलजार है। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कांवड़ियों की आवाजाही से भक्ति का माहौल बना हुआ है। हालांकि सावन मास की तुलना में फाल्गुनी कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है, फिर भी इसके आगमन से धर्मनगरी की रौनक कम नहीं होती।
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