श्रीनगर , मार्च 30 -- नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर की एक अदालत के समक्ष आरोप पढ़कर सुनाये जाने के बाद जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के कथित भ्रष्टाचार मामले में सभी आरोपों से इनकार किया।

डॉ अब्दुल्ला अदालत के समक्ष आभासी माध्यम से उपस्थित हुए, जहां सभी अभियुक्तों को आरोप पढ़कर सुनाये गये। उनके वकील, अधिवक्ता इश्तियाक खान ने कहा कि डॉ अब्दुल्ला ने सभी आरोपों को नकारा है और न्याय की मांग की है।

अदालत ने उन सभी अभियुक्तों के बयान दर्ज किये जिन्होंने आरोपों से इनकार किया था और इसके बाद मामले को अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के लिए सूचीबद्ध किया गया, जिस पर संभवतः 31 अप्रैल को विचार किया जाएगा।

अदालत ने पिछली सुनवाई में पाया था कि डॉ अब्दुल्ला सहित अभियुक्तों के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्रीनगर ने 13 मार्च को जेकेसीए 'घोटाले' के संबंध में डाॅ अब्दुल्ला के खिलाफ पहले जारी किये गये गैर-जमानती वारंट को वापस ले लिया था, जब उनके वकील ने कार्यवाही से उनकी अनुपस्थिति का कारण बताते हुए एक आवेदन दायर किया था।

यह मामला 2018 का है जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को दिए गए धन में से कथित तौर पर 43 करोड़ रुपये हड़पने के लिए डॉ अब्दुल्ला और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

इस मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने के साथ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित