चंडीगढ़ , मार्च 20 -- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्रशासनिक व्यवस्था में गति और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि किसी भी सरकार की कार्यक्षमता का सही आकलन उसके कार्यालयों में फाइलों की गति से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब फाइलें समय पर आगे बढ़ती हैं, तो उसका सीधा लाभ आम जनता को मिलता है और विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलती है।
अनिल विज ने स्पष्ट किया कि उनकी कार्यशैली का मूल सिद्धांत यही है कि कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। इसी उद्देश्य से वे अपने विभागों की नियमित समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हैं कि प्रत्येक फाइल का शीघ्र, पारदर्शी और प्रभावी निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक देरी न केवल विकास कार्यों को प्रभावित करती है, बल्कि इससे जनता का विश्वास भी कमजोर होता है।
इसी क्रम में आज उनके वरिष्ठ सचिव विजय शर्मा और निजी सचिव दलबीर सिंह अंबाला पहुंचे, जहां मंत्री ने ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम विभाग से संबंधित फाइलों की स्थिति की समीक्षा कर उनका त्वरित निपटान सुनिश्चित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
मंत्री ने बताया कि अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और उसका मूल उद्देश्य जनकल्याण है, इसलिए हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
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