फर्रुखाबाद , मई 04 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नवागत जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न तहसीलों में तैनात चार कार्मिकों के विरुद्ध गंभीर आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इसे प्रशासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक विमल कुमार श्रीवास्तव को एंटी करप्शन टीम द्वारा उनके आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय (भूलेख अनुभाग) ने तत्काल निलंबित कर दिया। उनके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया था। इसी क्रम में तहसील कायमगंज के राजस्व निरीक्षक विजय पाल सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितता और अनुचित आचरण के संकेत मिले। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया।
तहसील अमृतपुर में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दुबे को पैमाइश कार्य में अनावश्यक विलंब और लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी मानेंद्र सिंह को शौचालय के केयरटेकर के भुगतान में अनावश्यक देरी और कार्य में शिथिलता बरतने के कारण निलंबन का सामना करना पड़ा।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्पष्ट किया कि जिले में भ्रष्टाचार, कदाचार और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि आमजन को पारदर्शी, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, और इसमें बाधा डालने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें तथा जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी तंत्र के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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