भोपाल , अप्रैल 26 -- मध्यप्रदेश की राजधानी में भोपाल देहात पुलिस ने ऑपरेशन एफ.ए.सी.ई. के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम जारी करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना बैरसिया, ईटखेड़ी पुलिस एवं साइबर क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में डॉट से प्राप्त तकनीकी इनपुट और एआई आधारित फेस रिकग्निशन टूल के विश्लेषण में सामने आया कि एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नामों से बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए गए थे। जांच में यह भी पाया गया कि पीओएस एजेंट और डिस्ट्रीब्यूटर की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम सक्रिय किए गए, जिनका उपयोग आपराधिक गतिविधियों में होने की आशंका है।

पुलिस के अनुसार 91 से अधिक संदिग्ध सिम कार्ड चिन्हित किए गए हैं, जिनमें एक ही चेहरे से कई सिम जारी किए गए। ग्राहक आवेदन पत्र या तो उपलब्ध नहीं थे या फर्जी पाए गए, वहीं फोटो और पहचान सत्यापन में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुछ सिम तीन वर्ष से अधिक पुराने होने के बावजूद दुरुपयोग में पाए गए।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 34, आईटी एक्ट की धारा 66(सी) तथा दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। साइबर क्राइम टीम तकनीकी विश्लेषण में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज किसी अन्य को न दें और सिम कार्ड हमेशा स्वयं की उपस्थिति में ही जारी कराएं।

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