लखनऊ , जनवरी 27 -- स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश ने फर्जी फर्मों का पंजीकरण कर नकली इनवॉयस व ई-वे बिल के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्तों को मंगलवार को सहारनपुर से गिरफ्तार किया है।

अभियुक्तों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप/चार्जर, 2 आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों की 17 चेकबुक, 11 पासबुक, 9 एटीएम कार्ड और 5200 रूपये नकद बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में विशाल गर्ग पुत्र नवीन गर्ग, निवासी न्यू भगवती कॉलोनी, बेहट रोड, थाना कोतवाली देहात, सहारनपुर; बशारत पुत्र सलमान अली, वर्तमान पता निजाम कॉलोनी गली नंबर-12, थाना मंडी, सहारनपुर (मूल निवासी सरायमेहंदी, थाना मंडी); तथा फुरकान पुत्र मुन्ने शाहिद, निवासी चांद कॉलोनी, ठोकरी सरो, एटीएमसी एजेंसी के पास, मस्जिद वाली गली नंबर-7, थाना कुतुबशेर, सहारनपुर शामिल हैं।

एसटीएफ के अनुसार आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में रजिस्टर कराते थे और बिना वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त किए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले अलग-अलग राज्यों में फर्जी फर्में पंजीकृत कराता था। इसके बाद नकली सेल इनवॉयस और ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किए जाते थे। दिखावटी सप्लाई दिखाकर आईटीसी का लाभ लिया जाता और बैंक खातों के जरिये रकम घुमाकर नकदी निकाली जाती थी। जांच में 30 से अधिक ई-मेल आईडी और कई बैंक खातों के उपयोग की पुष्टि हुई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी विस्तृत पूछताछ से ज्ञात हुआ कि अभियुक्त राजेश सुनैजा जो जीएसटी की चोरी के सम्बन्ध में थाना जनकपुरी जनपद सहारनपुर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या-275/25 धारा-420 में एक सप्ताह पूर्व जेल गया है जिसके साथी विशाल गर्ग एवं बशारत द्वारा जनपद सहारनपुर में एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है। वर्तमान प्रकरण में अभियुक्तों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 भादवि सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं एसटीएफ ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है।

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