जयपुर , दिसम्बर 19 -- राजस्थान में पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) ने फर्जी दस्तावेजों से अधिकारी बनने का खुलासा करते हुए इस मामले में सहायक अग्निशमन अधिकारी सोबिया सैयद को गिरफ्तार किया हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने शुक्रवार को बताया कि सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एसओजी ने सहायक अग्निशमन अधिकारी एवं फायरमैन भर्ती परीक्षा-2021 में फर्जी डिप्लोमा के आधार पर नियुक्ति पाने वाली गिरफ्तार सोबिया सैयद वर्तमान में जयपुर के मालवीय नगर जोन में सहायक अग्निशमन अधिकारी के पद पर तैनात थी।
श्री बंसल ने बताया कि जांच में पता चला कि आरोपी ने लिखित परीक्षा में तो औसत प्रदर्शन किया लेकिन शारीरिक दक्षता और प्रायोगिक परीक्षा में उसे संदिग्ध रूप से बहुत अधिक अंक मिले। वीडियो फुटेज के गहन परीक्षण और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, तो परत दर परत फर्जीवाड़ा खुलता चला गया। जांच में खुलासा हुआ कि सोबिया सैयद ने एक ही शैक्षणिक सत्र में कई डिग्रियां और डिप्लोमा हासिल किए। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा से नियमित बी.टेक. की डिग्री, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग नागपुर (महाराष्ट्र) से फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग का नियमित डिप्लोमा के साथ झुंझुनूं की सिंघानिया यूनिवर्सिटी से "सब फायर ऑफिसर" का डिप्लोमा प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि नागपुर और झुंझुनूं के बीच की दूरी लगभग 900 किलोमीटर है। एक ही समय में दो अलग-अलग राज्यों के संस्थानों में नियमित विद्यार्थी के तौर पर उपस्थित रहना शारीरिक रूप से असंभव है।सोबिया ने चयन प्रक्रिया के दौरान राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और स्वायत्त शासन विभाग को गुमराह कर नागपुर की यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिप्लोमा प्रस्तुत कर सहायक अग्निशमन अधिकारी के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली। एसओजी ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस दर्ज किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित