गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 07 -- फरीदाबाद और गौतमबुद्धनगर की सीमा से जुड़े गांवों में लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद को सुलझाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी मेधा रूपम और एडीएम फरीदाबाद अंजलि श्रोत्रिय (आईएएस) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें भूमि नामांतरण और सीमांकन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक संबंधी जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा कि,बैठक में दोनों जिलों के राजस्व विभाग के अधिकारी, लेखपाल, कानूनगो के साथ-साथ भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने टेबल टॉप सर्वे के माध्यम से विवादित क्षेत्रों की स्थिति का प्रारंभिक आकलन किया और दस्तावेजों का मिलान किया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में किसानों का हित सर्वोपरि रखा जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया कि भूमि की सही पहचान और सीमांकन के लिए गौतम बुद्ध नगर और फरीदाबाद के राजस्व अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से टीएसएम (टोटल स्टेशन मशीन) विधि का उपयोग कर सटीक सर्वे और पैमाइश करेगी।
इसके अलावा, रक्षा संपदा अधिकारी, नई दिल्ली से तकनीकी सहयोग लेने पर भी सहमति बनी है, जिससे सर्वे प्रक्रिया और अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके। संयुक्त टीम को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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