मुंबई , मई 08 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक गहन विद्वान बताया, जिन्होंने वेदों और उपनिषदों के ज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक संदेश पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक गुरु को "करोड़ों प्रणाम" करते हुए अद्वैत वेदांत, भगवद गीता और उपनिषदों की शिक्षाओं को विश्वभर में फैलाने में उनके अपार योगदान का स्मरण किया।
श्री फडणवीस ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद ने अपने प्रवचनों और जनसंपर्क पहलों के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक और दार्शनिक विरासत को सुलभ बनाने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई। उन्होंने श्रद्धांजलि संदेश और एक तस्वीर भी साझा की तथा इसे चिन्मय मिशन के आधिकारिक हैंडल को भी टैग किया।
श्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित लेख "सोमनाथ: भारत की आदम्या चेतना का प्रतीक" को भी साझा किया और नागरिकों से इसे पढ़ने का आग्रह किया। इस लेख में मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं बल्कि लाखों भारतीयों के साहस, सांस्कृतिक गौरव और सनातन चेतना का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि "विकास भी, विरासत भी" की दृष्टि से आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण और आधुनिक विकास भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक प्रेरणादायक अध्याय है।
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