मुंबई , अप्रैल 18 -- महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अधीन प्रमुख विभागों के कामकाज को लेकर खुले तौर पर चुनौती दी है।

दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से सुलग रहा आपसी मनमुटाव हाल ही में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दबी-छुपी चर्चाओं से निकलकर सबके सामने आ गया। शहरी विकास (यूडी) एवं आवास विभाग में सैकड़ों रुकी हुई फाइलें इस बैठक के दौरान चर्चा का विषय बनीं। मौजूदा समय में इस विभाग की जिम्मेदारी श्री शिंदे के पास है।

बुनियादी ढाँचे और आवास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान श्री फडणवीस ने कथित तौर पर नौकरशाही की अड़चनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि शहरी विकास विभाग में महत्वपूर्ण फाइलें एक साल से भी अधिक समय से क्यों लंबित पड़ी हैं। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिवों को सीधे तौर पर आदेश दिया कि वे उन सभी परियोजनाओं की एक विस्तृत सूची प्रस्तुत करें, जो बिना किसी वैध कारण के "रुकी हुई" हैं।

सूत्रों के अनुसार, जब यह पूछा गया कि इन फ़ाइलों को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में कभी क्यों नहीं भेजा गया, तो शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चुप रह गये। इससे प्रशासन के भीतर बढ़ती दरार साफ़ नज़र आती है।

इस विवाद की जड़ें महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा से एक बड़े भटकाव में हैं। वर्ष 1995 से शहरी विकास विभाग का प्रभार लगभग हमेशा मुख्यमंत्री के पास ही रहा है। हालाँकि, 2024 में मंत्रिमंडल के गठन के दौरान, श्री फडणवीस ने यह शक्तिशाली विभाग एकनाथ शिंदे को सौंप दिया।

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