फगवाड़ा , फरवरी 26 -- पंजाब में बुधवार देर रात चले एक ऑपरेशन में, थाना सिटी फगवाड़ा की पुलिस ने कथित तौर पर अवैध रूप से गायों और भैंसों को ले जा रहे दो चार पहिया वाहनों को रोका और आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), पशु क्रूरता निवारण अधिनियम औरपंजाब गोवंश वध निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है।

फगवाड़ा की पुलिस अधीक्षक माधवी शर्मा ने गुरुवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पहले वाहन में तीन बैल पाये गये, जबकि दूसरे वाहन में सात गायें ले जाई जा रही थीं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान, ड्राइवर जानवरों के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। डीएसपी फगवाड़ा भारत भूषण ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को नामजद किया है जिनकी पहचान बिंदर सिंह (संगरूर), निंदरपाल उर्फ काक्कू (संगरूर), मंगा मसीह (गुरुदासपुर), अवतार सिंह टारी (लाडोवाल, लुधियाना), सोनू सिंह (लाडोवाल, लुधियाना) और एक अज्ञात व्यक्ति के तौर पर हुई है।

यह प्राथमिकी गौ रक्षक दल के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह की शिकायत पर दर्ज की गयी है, जिन्होंने दावा किया कि उन्होंने संदेह होने पर वाहनों का पीछा किया और फिर पुलिस को सूचित किया। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मवेशियों को कथित तौर पर गुरुदासपुर जिले ले जाया जा रहा था, जहाँ उनका उपयोग वध और उपभोग के लिए किया जाना था।

इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए शिव सेना पंजाब के नेता इंद्रजीत करवाल, गौ रक्षक दल के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह और हर्ष भल्ला ने वध के लिए गायों और भैंसों के परिवहन के प्रयास की निंदा की। उन्होंने इस घटना को 'बेहद परेशान करने वाला' बताया और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए समयबद्ध जांच की मांग की। उन्होंने प्रशासन से राज्य भर में गौ संरक्षण और पशु कल्याण कानूनों को सख्ती से लागू करने का आग्रह भी किया।

सुश्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि फगवाड़ा में कानून-व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किये गये हैं और पुलिस घटनाक्रमपर पैनी नजर रख रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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