फगवाड़ा , जनवरी 23 -- पंजाब भर की विभिन्न बार एसोसिएशनों द्वारा एक्शन प्लान मामलों से संबंधित नीति और राज्य में कानूनी सहायता के वकीलों की नियुक्ति के विरोध में दिये गये राज्य स्तरीय आह्वान पर फगवाड़ा बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को पूर्ण अवकाश मनाया।

इससे फगवाड़ा की अदालतों में न्यायिक कार्य निलंबित रहा और अधिवक्ताओं ने दिनभर काम नहीं किया। बार एसोसिएशन द्वारा साझा की गयी जानकारी के अनुसार, विरोध प्रदर्शन से पहले एडवोकेट रविंदर कुमार शर्मा की अध्यक्षता में फगवाड़ा बार एसोसिएशन की एक बैठक हुई। बैठक के दौरान, सदस्यों ने सर्वसम्मति से उन नीतियों के खिलाफ सामूहिक विरोध जताने के लिए काम पर न आने के आह्वान का सख्ती से पालन करने का संकल्प लिया, जो एसोसिएशन के अनुसार, कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं।

बार एसोसिएशन के सदस्यों ने पंजाब भर के विधि समुदाय के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन अधिकारियों का ध्यान उन अधिवक्ताओं की चिंताओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है, जो कार्य योजना मामलों के कार्यान्वयन और कानूनी सहायता- बचाव वकीलों की नियुक्ति के तरीके से संबंधित हैं। एसोसिएशन ने इस बात पर जोर दिया कि अधिवक्ताओं की एकता पेशेवर नैतिकता, निष्पक्ष कानूनी प्रक्रियाओं और वादियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। एसोसिएशन ने माननीय न्यायिक अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों से भी प्रस्ताव में सहयोग करने और इस उद्देश्य के समर्थन में खड़े होने की अपील की। विरोध प्रदर्शन दिन भर शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा, जो असहमति व्यक्त करने के नैतिक और संवैधानिक तरीकों के प्रति बार एसोसिएशन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

एसोसिएशन के नेताओं ने दोहराया कि ये कदम पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद ही उठाये गये हैं और इनका उद्देश्य कानूनी पेशे की गरिमा की रक्षा करना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य अधिकारी बार एसोसिएशनों द्वारा उठायी गयी शिकायतों पर ध्यान देंगे और मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने के लिए रचनात्मक संवाद शुरू करेंगे।

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