पटना , फरवरी 27 -- प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत बक्सर जिला में प्लास्टिक अपशिष्ट से फर्नीचर बनाया जा रहा है, जो लकड़ी का विकल्प प्रस्तुत कर रहा है।
लकड़ी के तख्त एवं प्लाईबोर्ड के बदले इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इस नवाचार से जहां एक ओर प्रकृति से प्लास्टिक अपशिष्ट की मात्रा कम हो रही है वहीं दूसरी ओर लकड़ी का एक बेहतर विकल्प बनकर पेड़ों का संरक्षण भी हो रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बक्सर जिले के जगदीशपुर, मुगांव और सिमरी पंचायतो में संचालित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्रों पर जमा होने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक अपशिष्ट एक बड़ी समस्या थी। यहां संग्रहित पुनः उपयोग वाले प्लास्टिक अपशिष्ट की खरीद के लिए खरीदार और बाजार उपलब्ध थे, लेकिन एकल उपयोग वाले प्लास्टिक की बिक्री नहीं हो पाती थी। ऐसे में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक एक बड़ी समस्या बन चुकी थी।
बक्सर जिला जल एवं स्वच्छता समिति ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक की समस्या से निपटने के लिए प्लास्टिक रीसाइकिलिंग उद्योग से जुड़े युवा उद्यमी संजीत राय को आमंत्रित किया। आई.आई.टी. चेन्नई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके संजीत राय ने सिंगल यूज प्लास्टिक को रीयूजेबल प्लास्टिक में बदलने की संभावना पर चर्चा की।
बक्सर के तत्कालीन उप विकास आयुक्त श्री महेन्द्र पाल ने श्री राय को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की गुजारिश की। अब राय इंडस्ट्रीज के सहयोग से बक्सर में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्रों पर संग्रहित एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को रीसाइकिल कर प्लास्टिक के स्लैब बनाये जा रहे हैं।
इंजीनियर संजीत राय ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट के निपटान में सलाह देने के लिए जुड़ने के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और समाज हित को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया । उनके द्वारा राय इंडस्ट्रीज (प्लास्टिक रिसाइकिलिंग के क्षेत्र में काम करने वाली उद्यम) का संचालन किया जा रहा है। इसी उद्यम में सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर उपाय खोजे गए। सिंगल यूज प्लास्टिक को पुन:उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पाद में बदलने की सफलता मिली।
जिला समन्वयक स्व्च्छ भारत मिशन (ग्रामीण) बक्सर ने बताया कि कि युवा उद्यमी संजीत राय को जिला प्रशासन द्वारा उचित सहयोग दिया जा रहा है। जिला में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत निर्मित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई पर संग्रहित प्लास्टिक राय इंडस्ट्रीज को दिया जा रहा है। प्लास्टिक को रीसाइकिल कर प्लास्टिक के फर्नीचर बनाए जा रहे हैं, जिसका उपयोग टेबल, बेंच, डेक्स, आलमारी में हुआ है। प्रशासन के प्रोत्साहन से प्लास्टिक फर्नीचर से तैयार ये उत्पाद कुछ स्कूलों में भी भेजे गए हैं। ये काफी टिकाउ हैं। इसकी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तीनों नजरिये अच्छी पहल है।
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