चंडीगढ़ , दिसंबर 15 -- हरियाणा सरकार ने अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (एफएससी) जारी करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए दिशानिर्देश अधिसूचित किया है। हरियाणा अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 के तहत तैयार यह नीति नौ दिसंबर 2025 को अधिसूचित की गई, जिसका उद्देश्य जन सुरक्षा को मजबूत करना और शासन प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

वित्तीय आयुक्त एवं राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सोमवार को कहा कि नई प्रणाली प्रौद्योगिकी आधारित है और इससे सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना सेवाओं की तेज डिलीवरी सुनिश्चित होगी। इसके तहत सूचीबद्ध एजेंसियों से प्राप्त प्रमाणन रिपोर्ट के आधार पर एफएससी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वतः जारी किए जाएंगे।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एजेंसी का चयन ऑनलाइन प्रणाली द्वारा यादृच्छिक रूप से किया जाएगा। साथ ही, प्रमाण पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर 25 प्रतिशत मामलों में अग्निशमन अधिकारी और 10 प्रतिशत मामलों में संयुक्त निदेशक (तकनीकी) द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

नीति में अग्नि सुरक्षा ऑडिट के लिए उच्च मानक तय किए गए हैं। सूचीबद्ध एजेंसियों को योग्य तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। नई व्यवस्था को 31 मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा, जिससे राज्य में अग्नि सुरक्षा प्रशासन को नई मजबूती मिलेगी।

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