नारायणपुर , अप्रैल 07 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बच्चों के हृदय स्वास्थ्य की जांच के लिए संचालित ''प्रोजेक्ट धड़कन'' के विशेष अभियान के तहत अब तक 2780 बच्चों की जांच की जा चुकी है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। इसके तहत विकासखंड नारायणपुर और ओरछा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जांच के दौरान आधुनिक उपकरणों और विशेष स्टेथोस्कोप की मदद से बच्चों के हृदय की ध्वनियों और ईसीजी संकेतों का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी का पता लगाया जा सके।
जानकारी के अनुसार अब तक की गई जांच में चिन्हित चार बच्चों में से तीन को उच्च उपचार के लिए नवा रायपुर स्थित सत्य साईं अस्पताल भेजा गया है, जबकि एक अन्य बच्चे को आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद रेफर किया जाएगा। सभी बच्चों का प्राथमिक परीक्षण जिला चिकित्सालय नारायणपुर में किया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने अभियान के दौरान बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और चिकित्सकों को निर्देशित किया कि सभी पात्र बच्चों को समय पर सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के अभियान से बच्चों के जीवन की रक्षा संभव हो रही है।
कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ''प्रोजेक्ट धड़कन'' के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित हो रही है। साथ ही गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
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