बेंगलुरु , जनवरी 31 -- कर्नाटक में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियांक खरगे और विभाग के मुख्य सचिव के खिलाफ सार्वजनिक धन का इस्तेमाल करके गुमराह करने वाला सरकारी विज्ञापन जारी करने के आरोप में एक शिकायत दर्ज कराई गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता सीटी मंजूनाथ द्वारा दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अखबारों में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-राम-जी) जारी विज्ञापन में केंद्र सरकार की एक योजना की आलोचना की गई थी और इसमें महात्मा गांधी का एक कार्टून शामिल था।
श्री मंजूनाथ ने कार्टून के इस्तेमाल को अपमानजनक बताया और दावा किया कि विज्ञापन राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण था, जिसमें प्रचार फैलाने के लिए करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकारी विज्ञापन गैर-राजनीतिक और तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करने वाला होना चाहिए।
शिकायतकर्ता ने 2015 के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक दल की 'नकारात्मक छवि' बनाने या राजनीतिक संदेश देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता) और 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा) का उल्लंघन बताया।
यद्यपि नागरिकों को सरकारी नीतियों की आलोचना करने या असहमति व्यक्त करने का अधिकार है। श्री मंजूनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि झूठी या गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने के लिए सरकारी चैनलों का उपयोग संविधान की भावना को कमजोर करता है।
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