जयपुर , फरवरी 19 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान स्पष्ट व्यवस्था देते हुए कहा कि प्रश्नकाल का उद्देश्य केवल सदस्यों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करना है, न कि वाद-विवाद या विस्तृत चर्चा करना।
श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नकाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें जनप्रतिनिधि सरकार से जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करते हैं। अतः प्रश्नकाल के दौरान अनावश्यक बहस, आरोप-प्रत्यारोप या विषयांतर चर्चा से बचना चाहिए। उन्होंने सभी विधानसभा सदस्यों से कहा कि वे नियमों एवं परंपराओं का पालन करते हुए संक्षिप्त एवं स्पष्ट प्रश्न पूछें तथा मंत्री भी निर्धारित विषय पर सटीक और तथ्यात्मक उत्तर दें, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु, मर्यादित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल की गरिमा बनाये रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इससे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सदन की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है। पूर्व में दी गयी अध्यक्षीय व्यवस्था में अनुपूरक प्रश्न मूल प्रश्न से ही संबंधित होना चाहिये। प्रत्येक सदस्य को दो ही पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति है।
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