प्रयागराज , फरवरी 19 -- प्रयागराज जिले के बारा थाना क्षेत्र में बघला नहर प्रखंड के अंतर्गत आने वाली नीबी माइनर के अचानक टूट जाने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। तेज बहाव के साथ खेतों में घुसे पानी से गेहूं, सरसों, चना और अन्य दलहनी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों के अनुसार, बुधवार सुबह माइनर का एक हिस्सा अचानक धंस गया और पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया। कुछ ही समय में व्यापक क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ गया। किसानों ने मोटर और पंप के जरिए पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन बहाव अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। जिन खेतों में फसल पककर तैयार थी, वहां सबसे अधिक क्षति हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि माइनर की दीवारों में पहले से दरारें थीं और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन संबंधित विभाग ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि यदि नियमित रखरखाव किया गया होता तो यह स्थिति टाली जा सकती थी।

घटना की सूचना पर ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुआवजा और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि फसलों की क्षति का आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर टूटे हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी है, ताकि आगे और नुकसान रोका जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सिंचाई तंत्र की निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी वर्ष भर की मेहनत कुछ ही घंटों में पानी में डूब गई।

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