अजमेर , अप्रैल 13 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इससे पहले कभी भी संत महात्माओं के साथ दुर्व्यवहार और उनका अपमान किसी भी सरकार ने नहीं किया।

पुष्कर में आयोजित 43 दिन के शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अवसर पर यहां पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने महायज्ञ का अवलोकन किया। उन्होंने यहां आयोजित महायज्ञ को वर्तमान दौर का सबसे प्रभावशाली और सबसे बड़ा यज्ञ बताते हुए कहा की सतयुग के बाद इस युग में इस यज्ञ के होने से हिंदू राष्ट्र विकसित होगा और सनातन के प्रति लोगों की श्रद्धा और भक्त भी बढ़ेगी ।

उन्होंने कहा कि इस तरह की यज्ञ होने से राष्ट्र हिंदुत्व के प्रति समर्पित होता है और कल्याण का रास्ता प्रशस्त होता है। इस मौके पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने राम मंदिर की लाई गई ज्योति को नकली करार दिया, उनका कहना था कि इस महायज्ञ की अग्नि के आगे वह काम की नहीं है। इस मौके पर उन्होंने अपने आक्रोश का इजहार करते हुए कहा कि उन्होंने गौ रक्षा के लिए जो अभियान चलाया है जो मुहिम पर काम कर रहे हैं वह अनवरत जारी रहेगी क्योंकि सनातन में किसी भी अनुष्ठान से पूर्व गौ माता की सेवा का बड़ा महत्व है ।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने अपनी बात पहले ही रख दी है।

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