भुवनेश्वर , अप्रैल 19 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक से आग्रह किया है कि वे परिसीमन मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाने से बचें और तथ्यों पर आधारित विचार प्रस्तुत करें।
श्री प्रधान ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि यह समझना मुश्किल है कि श्री पटनायक जैसे वरिष्ठ नेता उस बात पर चिंता और हैरानी क्यों जता रहे हैं, जिसे उन्होंने 'सकारात्मक विकास' बताया है और जो संसद में ओडिशा के प्रतिनिधित्व में लगभग 50 प्रतिशत की संभावित वृद्धि है।
श्री प्रधान ने श्री पटनायक की हालिया टिप्पणियों को 'हैरान करने वाला' बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसे बयान ओडिशा के लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं क्योंकि उनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। श्री प्रधान ने श्री पटनायक की टिप्पणियों को 'बेबुनियाद' और 'हास्यास्पद' करार दिया है।
उन्होंने हालिया विधायी घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने समावेशी प्रतिनिधित्व की दिशा में इसे एक बड़ा कदम बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 16 और 17 अप्रैल को 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि ओडिशा सहित सभी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
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