शिमला , दिसंबर 05 -- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उपासना शर्मा की अदालत ने संस्थागत जवाबदेही को रेखांकित करने वाले एक ऐतिहासिक फैसले में, डीएवीएन स्कूल के प्रधानाचार्य धनेंद्र गोयल को लापरवाही का दोषी ठहराया है। यह लापरवाही 2019 के खड़कोली बस हादसे का कारण बनी, जिसमें पांच छात्रों और ड्राइवर की मौत हो गई थी।

गुरुवार को सुनाया गया फैसला प्रधानाचार्य गोयल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराता है क्योंकि उन्होंने बस की खराब हालत के बारे में बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अयोग्य ड्राइवर को बस चलाने की अनुमति दी।

अदालत ने माना कि 5 जनवरी 2019 को हुआ घातक हादसा बस में आई यांत्रिक खराबी (मैकेनिकल फेलियर) के कारण हुआ था, जिसे समय पर मरम्मत करवाकर रोका जा सकता था।

मुकदमे के दौरान 10 गवाहों ने बयान दिया कि बस की खराब होती स्थिति के बारे में प्रधानाचार्य गोयल को कई शिकायतें की गई थीं, लेकिन न तो बस की मरम्मत करवाई गई और न ही उसे बदला गया।

सबसे गंभीर बात यह थी कि अदालत ने पाया कि जिस ड्राइवर को बस सौंपी गई थी, उसके पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस ही नहीं था और स्कूल बस चलाने के लिए जरूरी न्यूनतम 5 साल का अनुभव भी नहीं था।

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