पटना , दिसंबर 11 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने गुरूवार को कहा कि राज्य में प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए)) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि पीएमएसएमए के तहत महीने में निर्धारित तीन दिन ( हर महीने की 9,15 और 21 तारीख) गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य में कुल 702 स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान मनाया जा रहा था। लेकिन अब इस गुणवत्तापूर्ण सेवा का राज्य में विस्तार करते हुए नए 568 स्वास्थ्य केंद्रों ( 564 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं 04 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ) पर पीएमएसएमए के संचालन की शुरुआत की गई है। इस तरह राज्य में अब कुल 1270 स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि इस अभियान के विस्तार से उच्च जोखिम वाले प्रसव की पहचान सुनिश्चित कर उनका ससमय उपचार किया जा सकेगा। यह प्रयास मातृ - मृत्यु दर में कमी लाने में सहायक एवं असरदार साबित होगा। उन्होंने कहा कि पीएमएसएमए के तहत नौ दिसंबर को पूरे राज्य में विशेष जांच शिविरों का सफल आयोजन किया गया है। वहीं 15 और 21 दिसंबर को इस अभियान का आयोजन किया जाना है। जिले से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक इस अभियान में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने हिस्सा लेकर निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ ले रही हैं।

श्री पांडेय ने बताया कि पीएमएसएमए के तहत गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच किया जा रहा है, जिसमें हीमोग्लोबिन , एचआईवी, यौन संक्रमण, उच्च रक्तचाप , यूरीन का परीक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान कर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित फॉलो-अप कर उन्हें ससमय उपचार प्रदान करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में पीएमएसएमए के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव मातृ स्वास्थ्य के सुधार के रुप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की प्रशिक्षण के माध्यम से कैपेसिटी बिल्डिंग की गयी है, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं प्रदान कर सकें। उन्होने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील करते हुये कहा कि वे 15 और 21 दिसंबर को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निःशुल्क जांच का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व ही स्वस्थ समाज का आधार है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित