उज्जैन , फरवरी 11 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन को आयुर्वेद एम्स की सौगात मिलेगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को कालिदास संस्कृत अकादमी में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में स्थापित होने वाले तीन आयुर्वेद एम्स में से एक मध्यप्रदेश को मिला है और यह उज्जैन में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने भगवान धनवंतरि का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद की यह महत्वपूर्ण सौगात उज्जैन की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोक्षदायिनी अवंतिका नगरी का विशेष महत्व है और वर्ष 2028 में यहां आयोजित होने वाला सिंहस्थ मेला वैश्विक स्तर का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन में जल संकट की समस्या के समाधान के लिए 1133.67 करोड़ रुपये की हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना लागू की गई है। योजना पूर्ण होने पर प्रतिदिन 450 एमएलडी जल उपलब्धता की क्षमता विकसित होगी, जबकि वर्तमान आवश्यकता लगभग 200 एमएलडी है। इससे शहर और सिंहस्थ दोनों के लिए निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 136 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी और लगभग 50 हजार घरों को नल कनेक्शन मिलेंगे। शहर में 17 नई जल टंकियां बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2050 के सिंहस्थ तक जल आपूर्ति की चिंता नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उज्जैन को 800 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली थी और आज 1166.61 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम, स्मार्ट सिटी और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मंत्र सच्चा वादा, पक्का काम है।
उन्होंने मातृ एवं शिशु पोषण कार्यक्रम, धार्मिक नगरों में शराबबंदी के निर्णय तथा शहर में चार और छह लेन सड़कों व विभिन्न पुलों के निर्माण कार्यों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट स्वाध्याय के अंतर्गत प्रतिभावान विद्यार्थी अवधेश शर्मा और अश्विनी ठाकुर को लैपटॉप एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
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