पटना, अप्रैल 23 -- जन सुराज पार्टी ने प्रदेश की वर्तमान वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए गुरुवार को कहा कि बिहार सरकार का कर्ज से निपटने के लिए 12 हजार करोड़ का कर्ज लेना चिंतनीय बात है और वोट खरीदने के चक्कर में सरकार ने प्रदेश के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।

जनसुराज पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक कुमार ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार में लोकतंत्र के मूल्यों को दरकिनार करते हुए वोट खरीदने की राजनीति शुरू हो गई है, जहां अल्पकालिक लाभ देकर जनता के भविष्य के साथ समझौता किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रिजर्व बैंक से एक बार फिर लगभग 12,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की तैयारी में है। जबकि पहले ही सरकार ने ऊपर 3.70 लाख करोड़ का कर्ज है।

श्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार की लापरवाही और ठोस वित्तीय योजनाओं के आभाव में सरकार की यह दुर्गति हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान जनता को लुभाने के लिए नगदी बांटी, मुफ्त बिजली का वादा किया और कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की बात कही, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश आर्थिक संकट में आ गया।

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