रायपुर , दिसंबर 29 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि धान खरीदी में लगातार आ रही बाधाएं सरकार की दुर्भावना और सत्ता प्रायोजित षड्यंत्र का परिणाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती, इसलिए जानबूझकर तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें पैदा कर खरीदी प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है।

दीपक बैज ने कहा कि समय पर आरओ जारी न होना, धान का उठाव न होना, खरीदी केंद्रों पर जाम की स्थिति, सर्वर डाउन, पोर्टल में तकनीकी खामियां, टोकन कटने में देरी, वन पट्टा सत्यापन में समस्याएं और बफर लिमिट से अधिक धान जमा होने के कारण धान का सूखना ये सभी समस्याएं सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती हैं। इन अव्यवस्थाओं के चलते किसान आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेल रहे हैं तथा उन्हें बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि टोकन की समस्या ने किसानों की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। महासमुंद जिले के सेंधभाटा गांव में टोकन के लिए भटकते हुए किसान मनोबोध गाडा द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार की असंवेदनशीलता का परिणाम है। वहीं रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के बकेली गांव में किसान कृष्ण कुमार गबेल ने भी टोकन न मिलने से हताश होकर कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रतिदिन धान खरीदी की सीमा घटा दी है, जिससे किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था, भंडारण और बफर लिमिट की समस्या लगभग हर केंद्र पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वन पट्टा धारक किसानों के खेतों का पंजीयन और सत्यापन न होने से खरीदी और धीमी हो गई है। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल व्यवस्था सुधारने और किसानों को राहत देने की मांग की है।

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