नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- वित्त वर्ष 2025-26 में 17 दिसंबर तक कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.16 प्रतिशत बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त मंत्रालय के शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले वित्त वर्ष में 17 दिसंबर तक कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 19,21,932 करोड़ रुपये था जो चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में 20,01,794 करोड़ रुपये पर रहा।
वहीं, आयकर विभाग द्वारा जारी रिफंड में 13.52 प्रतिशत की कमी आयी है और यह 3,43,499 करोड़ रुपये से घटकर 2,97,069 करोड़ रुपये रह गया।
इस प्रकार शुद्ध कर संग्रह में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 17,04,725 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
सकल कर संग्रह में कॉर्पोरेट कर का हिस्सा 9,24,814 करोड़ रुपये से बढ़कर 9,94,577 करोड़ रुपये और गैर-कॉर्पोरेट कर का हिस्सा 9,54,174 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 9,66,684 करोड़ रुपये हो गया। प्रतिभूतियों के लेनदेन पर कर 40,114 करोड़ रुपये के मुकाबले मामूली वृद्धि के साथ 40,195 करोड़ रुपये रहा। वहीं, अन्य करों में गिरावट आयी है और यह 2,830 करोड़ रुपये से घटकर 339 करोड़ रुपये रह गया।
मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अग्रिम कर संग्रह 4.27 फीसदी बढ़कर 7,88,388 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कॉर्पोरेट कर 7.98 प्रतिशत बढ़कर 6,07,300 करोड़ रुपये रहा है जबकि गैर-कॉर्पोरेट कर में 6.49 प्रतिशत की कमी आयी है और यह 1,81,088 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
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